Home मंडी डबवाली नौकरियों में 75% आरक्षण का कानून बनवाकर दुष्यंत चौटाला ने रचा इतिहास- रणदीप सिंह मट्टदादु

नौकरियों में 75% आरक्षण का कानून बनवाकर दुष्यंत चौटाला ने रचा इतिहास- रणदीप सिंह मट्टदादु

10 second read
0
0
368
हरियाणा के युवाओं के लिए नौकरियों में 75% आरक्षण का कानून बनवाकर दुष्यंत चौटाला ने रचा इतिहास- रणदीप सिंह मट्टदादु
पंचायतीराज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50% फीसदी आरक्षण लाकर बढ़ाया उनका मान सम्मान।
विधायक नैना सिंह चौटाला ने महिलाओं के लिए 50% आरक्षण कानून को लागू करवाने में अपनी विशेष भूमिका अदा की है- रणदीप सिंह मट्टदादु
डबवाली।
पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50% फीसदी व प्राइवेट सेक्टर में हरियाणा के युवाओं के लिए नौकरियों में 75% आरक्षण का कानून पास करवाकर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने एक इतिहास रच दिया है जिसके लिए पूरे प्रदेश की जनता उनका आभार व्यक्त कर रही है। ये शब्द जेजेपी के प्रवक्ता व ब्लाक समिति सदस्य रणदीप मटदादू ने शनिवार को एक प्रेस विज्ञप्ति के दौरान कहे। उन्होंने कहा कि जेजेपी पार्टी ने विधानसभा चुनावों के दौरान अपने घोषणा पत्र में प्रदेश की जनता से ये वादे किए थे जिन्हें उपमुख्यमंत्री ने अब पूरा कर दिखाया। उन्होंने कहा कि इन ऐतिहासिक फैसलों से जहां प्रदेश के युवाओं को रोजगार की गारंटी मिलेगी वहीं पंचायतीराज संस्थाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लाकर हमारी मां , बहन व बेटियों का भी मान सम्मान को बढ़ाया है , इसके लिए विधायक नैना सिंह चौटाला का भी आभार व्यक्त करते है जिन्होंने इस कानून को अमलीजामा पहनाने में अपनी विशेष भूमिका अदा की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं व ग्रामीण महिलाओं के लिए ऐतिहासिक  फैसला लिया गया है जिसे के सदियों तक याद रखा जाएगा। अब हरियाणा में पंचायती चुनाव में महिलाओं को 50 फ़ीसदी हिस्सेदारी रहेगी सम- विषम संख्या के आधार पर महिला एवं पुरुष के लिए सीट आरक्षित होगी जिस गांव में महिला सरपंच निर्वाचित होगी अगली योजना में उस गांव में पुरुष सरपंच होगा इस बिल के पास होने पर मटदादू ने प्रदेश  की महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि यह बिल प्रदेश की महिलाओं में नए आत्मविश्वास का संचार करेगा और उन्हें सशक्त करेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में होने वाले पंचायती राज संस्थाओं यानि जिला परिषद, ब्लॉक पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों के चुनावों में यह नियम लागू हो जाएगा उन्होंने बताया कि प्रत्येक गांव को सम विषम संख्या के आधार पर कोड दिए जाएंगे पहली बार में सम क्रम वाले गांवों में सरपंच महिला होगी और अगली बार विषम  क्रम संख्या वाले गांवों में महिला सरपंच बनेगी इस तरह हर 10 वर्ष में से 5 वर्ष हरियाणा के हर गांव में महिला सरपंच होगी आरक्षित पदों पर भी यह नियम लागू होगा और उनमें सम विषम संख्या के आधार पर पद आरक्षित होंगे यही नहीं ग्राम पंचायत के पंचों के विषय में भी यही प्रतिक्रिया रखी जाएगी और 50 फ़ीसदी पंचों के पद महिलाओं के लिए रहेंगे। उन्होंने बताया के यह व्यवस्था ग्राम पंचायतों से आगे बढ़कर जिला परिषद और ब्लॉक पंचायत समिति में भी लागू होगी जिला परिषद और ब्लॉक समिति के सदस्यों और चेयरपर्सन के पदों के लिए भी ओड इवन का फार्मूला इस्तेमाल किया जाएगा पंचायती राज एक्ट में इस महत्वपूर्ण बदलाव के बाद हरियाणा के पंचायती राज तंत्र में महिलाओं को 50 फ़ीसदी भागीदारी सुनिश्चित हो जाएगी इस व्यवस्था के लिए अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित सीटों और अन्य सीटों के लिए अलग-अलग समूह माने जाएंगे और उन समूह में महिला आरक्षण लागू किया जाएगा।उन्होंने  कहा के हरियाणा की ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए यह बिल एक वरदान साबित होने वाला है ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं पंचायती राज संस्थाओं में निर्वाचित होकर न केवल अपने गांव की आवाज को बुलंद करेंगे बल्कि विकास के नए आयाम स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवाओं के लिए नौकरियों में 75% आरक्षण का कानून बनवाकर  उपमुख्यमंत्री  दुष्यंत चौटाला ने एक नयाआयाम रचा है, क्योकि जो कभी किसी ने सोचा भी नही था वो उन्होंने कर दिखाया। उन्होंने कहा कि अब युवा प्रदेश में ही रोजगार हासिल कर अपना भविष्य बनाएंगे और प्रदेश को आर्थिक तौर पर भी मजबूती प्रदान करेंगे।

Leave a Reply

Check Also

डबवाली के विधायक अमित सिहाग ने बढ़ रहे करोना संक्रमण पर व्यक्त की गहरी चिंता

सरकार की गलत स्…