Home सिरसा सिरसा: बलजिंद्र सिंह ने माता-पिता के साथ-साथ लेफ्टिनेंट बन चमकाया प्रदेश का नाम, हिसार कैंट में ज्वॉइनिंग

सिरसा: बलजिंद्र सिंह ने माता-पिता के साथ-साथ लेफ्टिनेंट बन चमकाया प्रदेश का नाम, हिसार कैंट में ज्वॉइनिंग

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हेमराज बिरट, तेज़ हरियाणा नेटवर्क:

सिरसा के बलजिंदर सिंह ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन माता-पिता सहित प्रदेश का नाम ऊंचा कर दिया। देहरादून में हुई पासिंग आउट परेड में बलजिंदर सिंह को ये उपाधि मिली है, लेकिन इस बार यह पहला मौका था जब आईएमए पासिंग आउट परेड के दौरान किसी भी जेंटलमैन कैडेट के परिजन इसमें शामिल नहीं हुए।

जानकारी के अनुसार इस बार के बैच में सिरसा का युवक आर्मी में लेफ्टिनेंट के पद पर भर्ती हुआ है। देहरादून में हुई पासिंग आउट परेड में पद की शपथ मिलने के बाद हिसार में ज्वाइन भी कर लिया। कोरोना संक्रमण का खतरा होने के कारण परिजन परेड में शामिल नहीं हो पाए और केवल वीडियो कॉल से ही कार्यक्रम देखा। बचपन से ही होशियार बलजिंद्र सिंह की पढ़ाई में रूचि को देखते हुए परिजनों ने गांव तक छोड़ दिया और शहर आकर बस गए, ताकि उसका भविष्य उज्जवल बनाया जा सके।
मूलरूप से गांव मलड़ी निवासी प्रकाश सिंह ठेकेदारी का काम करते हैं। वर्ष 2003 में उन्होंने अपने बेटे बलजिंद्र की पढ़ाई में रूचि को देखते हुए गांव छोड़ने का फैसला किया और शहर आकर बस गए। शहर के सेंट प्रिय स्कूल से शुरूआती पढ़ाई करवाई और दसवीं के बाद सेंट जेवियर के बाद दाखिला करवाया। पढ़ाई में शुरू से ही होशियार था। इसलिए अभिभावकों ने बलजिंद्र से कहा कि जो बनना चाहते हो बनो। आर्थिक रूप से चिंता करने की आवश्यकता नहीं। बलजिंद्र ने भी अपने परिवार की अहमियत को कभी दरकिनार नहीं किया और पूरी मेहनत से पढ़ाई करते हुए आज इस मुकाम तक पहुंचा।

बलजिंद्र ने ट्रेनिंग देहरादून आईएमए की ऑफिसर्स की ट्रेनिंग अकेडमी में पूरी की:
बलजिंद्र ने अपनी ट्रेनिंग देहरादून स्थित आईएमए की ऑफिसर्स की ट्रेनिंग अकेडमी में पूरी की। इसके बाद पासिंग आउट परेड में उसे लेफ्टिनेंट के पद पर शपथ दिलवाई गई। इसके तुरंत बाद हिसार कैंट ज्वाइन करने के लिए भेज दिया गया। बलजिंद्र ने रविवार को हिसार में लेफ्टिनेंट के पद पर ज्वाइन भी कर लिया है। हालांकि परम्परा है कि परेड के समय माता-पिता कार्यक्रम में शामिल होते हैं। लेकिन अब कोरोना से वे परेड में कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए और वीडियो कॉल से ही बेटे को आशीर्वाद दिया।

पढ़ाई के साथ स्पोर्ट्स में भी थे अच्छे बलजिंद्र:
वहीं उनके भाई और दोस्त ने बचपन की यादें सांझा करते हुए कहा कि वह बचपन से ही पढ़ाई के साथ स्पोर्ट्स में भी अच्छे थे। वह स्कूल कॉलेज में हर टीचर के प्रिय थे और स्कूल कॉलेज के हर कार्यक्रम में हिस्सा लेते थे। उनके भाई गुरविंदर ने बताया कि उनके बड़े भाई ने उन्हें अब तक के शिक्षा और जीवनशैली में उनका मार्गदर्शन किया है और वह भी अपने भाई की तरह आर्मी में जाना चाहते हैं।

पिता बोले- बेटे के कंधे पर सितारे लगाने का कोरोना ने तोड़ा सपना
बलजिंद्र सिंह के पिता प्रकाश सिंह ने बताया कि आर्मी में जाने के लिए उन्होंने अपने दोस्तों और भाई को भी प्रेरित किया है। बलजिंद्र का बचपन का सपना पढ़ाई लिखाई के साथ देश की सेवा करने का था जिसे वो पूरा भी कर रहा है। प्रकाश सिंह ने बताया कि नेवी में भी बलजिंद्र सिंह का एडमिशन हो गया था, लेकिन उसने भारतीय सेना में ही जाने का फैसला किया जिसमे उसको सफलता भी मिल गई है। हर परिवार का सपना होता है कि वह अपने बच्चे के कंधों पर सितारे लगाएं आईएमए में भी यह बहुत पुरानी परंपरा रही है।

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