Home सिरसा किसानों को मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के पंजीकरण बारे किया जाए प्रेरित : एसीएस विजयेंद्र कुमार

किसानों को मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के पंजीकरण बारे किया जाए प्रेरित : एसीएस विजयेंद्र कुमार

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किसानों को मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के पंजीकरण बारे किया जाए प्रेरित : एसीएस विजयेंद्र कुमार
-किसान योजना के लाभ के लिए 25 जून तक पोर्टल पर करवाएं पंजीकरण
-धान की जगह कपास की फसल उगाकर पानी बचत के साथ अधिक पैदावार ले रहा मोचीवाली का कृष्ण कुमार
-मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के क्रियांवयन को लेकर एसीएस ने अधिकारियों के साथ की बैठक
सिरसा
मेरा पानी-मेरी विरासत प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्श्य किसानों को धान की जगह दूसरी फसल को उगाकर कम पानी में अच्छी पैदावार लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। किसानों को योजना के लाभ बारे पोर्टल पर पंजीकरण के लिए प्रेरित करें, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान योजना के साथ जुड़कर इसका लाभ उठा सकें।
ये निर्देश कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार ने सोमवार को लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के क्रियांवयन को लेकर संबंधित अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए दिए। बैठक में उपायुक्त अनीश यादव सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे। इसके अलावा उन्होंने सिंचाई, जनस्वास्थ्य व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं पर चल रहे कार्यों की समीक्षा की और जरूरी दिशा निर्देश दिए।
अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार ने कहा कि कृषि विभाग द्वारा शुरू कि गई फसल विविधीकरण योजना ‘मेरा पानी-मेरी विरासतÓ के तहत पोर्टल पर पंजीकरण किया जा रहा है। इसके तहत किसान विविधीकरण योजना के तहत उगाई जाने वाली फसलों के लिये प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए 25 जून तक पंजीकरण करवा सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के लाभ के लिए पोर्टल पर पंजीकरण के लिए किसानों को जागरूक किया जाए। विभाग द्वारा गत वर्ष इस योजना को लागू किया गया था। योजना के तहत पिछले वर्ष प्रदेश में लगभग एक लाख एकड़ धान की फसल का वैकल्पिक फसलों द्वारा विविधीकरण किया गया। इस वर्ष फसल विविधीकरण के तहत दो लाख एकड़ भूमि को लाने का लक्ष्य रखा गया हैं। इसके लिए अधिकारी किसानों को विभिन्न माध्यमों के द्वारा जागरूक व प्रोत्साहित करें ताकि इस लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा भूजल स्तर में सुधार के लिए कई कारगर कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ-साथ कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा देने के लिए कारगर योजनाएं भी क्रियांवित की गई है।
उन्होंने बताया कि यह योजना पूरे प्रदेश में लागू की गई हैं। इस योजना के तहत किसानों को धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों कपास, मक्का, दलहन, मूंगफली, गवार, अरण्डी, सब्जियां व फल की बिजाई करनी होगी जिसके फलस्वरूप किसानों को प्रति एकड़ सात हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दो किस्तों में दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत सभी वैकल्पिक फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकार द्वारा खरीदा जाएगा। इस फसल विविधीकरण योजना के अंतर्गत सभी वैकल्पिक फसलों का बीमा भी संबंधित विभाग द्वारा करवाया जाएगा जिसके प्रीमियम की अदायगी प्रोत्साहन राशि से की जाएगी।
उपायुक्त अनीश यादव ने योजना के सफलतापूर्वक क्रियांवयन का आश्वासन देते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को इस महत्वाकांक्षी योजना बारे अधिक से अधिक जागरूक किया जाए ताकि कोई भी किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे। पोर्टल पर पंजीकरण के लिए किसानों की मदद की जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान योजना का पूरा-पूरा लाभ उठा सकें।
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इस योजना के उद्देश्य को सार्थक कर रहा गांव मोचीवाली का किसान कृष्ण कुमार:

सिरसा जिला के गांव मोचीवाली का किसान कृष्ण कुमार फसल विविधीकरण को अपना कर मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के उद्देश्य को सार्थक कर रहा है। किसान ने बातचीत में बताया कि वह 25 एकड़ में धान की खेती किया करता था। धान की खेती में पानी की बहुत ज्यादा जरूरत होती है, जिससे भूमि का जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। प्रदेश सरकार की मेरा पानी-मेरी विरासत योजना से प्रभावित होकर धान की जगह दूसरी फसल उगाने की प्रेरणा मिली। पहले खरीफ 2020 में धान को छोड़कर 6 एकड़ में नरमा की फसल बोई जिससे मुझे अच्छी पैदावार मिली और सरकार द्वारा एमएसपी पर खरीद किया गया। इसके साथ-साथ योजना मेरा पानी-मेरी विरासत में कृषि विभाग सिरसा द्वारा सात हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन राशि भी प्राप्त हुई है। इस साल मैने धान की फसल को कम करके कपास की फसल 10 एकड़ में बिजाई की है, जिससे पानी की काफी मात्रा में बचत हुई है। उन्होंने कहा कि पानी की बचत हम सबकी सामूहिक जिम्मेवारी है। इस दिशा में प्रदेश सरकार की मेरा पानी-मेरी विरासत योजना किसानों के लिए लाभदायक सिद्ध हो रही है। किसान कृष्ण कुमार ने अन्य किसानों से आह्वïान किया कि धान की फसल की बजाय वैकल्पिक फसलों कपास, मक्का, दलहन, मूंगफली, गवार, अरण्डी, सब्जियां व फल की बिजाई को तरजीह दें। इससे न केवल हम जल बचाव मुहिम में अपना योगदान दे सकेंगे बल्कि अच्छी पैदावार भी प्राप्त कर सकते हैं।

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