Home राज्य राजस्थान अजीबोगरीब प्रदर्शन: बंद दुकानों के भेजे बिजली बिल, तो थाली में खून लेकर पहुंचे लोग, बोले तंग मत करो, लो खून चूस लो.!

अजीबोगरीब प्रदर्शन: बंद दुकानों के भेजे बिजली बिल, तो थाली में खून लेकर पहुंचे लोग, बोले तंग मत करो, लो खून चूस लो.!

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हेमराज बिरट, तेज़ हरियाणा नेटवर्क:

कोरोना महामारी की मार से आर्थिक तंगी झेल रहे व्यापारियों पर 2 महीने तक बंद रही दुकानों के बिजली बिलों के भुगतान के तकाजे ने कोढ़ में खाज का काम किया है।

ऐसा ही कुछ कोरोना महामारी के बीच राजस्थान के भीलवाड़ा में अजीब मामला सामने आया है। यहां पर बिजली ​के बिल देख व्यापारियों व दुकानदारों को झटका लगा है। लॉकडाउन के चलते दो माह तक बंद रहे प्रतिष्ठानों के बिजली के बिल देखने के बाद लोगों ने अजीबोगरीब तरीके से प्रदर्शन किया है।

विद्यार्थी परिषद् के छात्र-छात्राओं ने सिक्‍योर मीटर्स कार्यालय पर एक अनूठा प्रदर्शन कर बिजली कंपनी में हड़कंप मचा दिया। इन प्रदर्शनकारियों ने अपना-अपना खुन निकाल एक थाली में भरकर सिक्‍योर मीटर्स कम्‍पनी के अधिकारियों से उसे पीने का आग्रह किया।

प्रदर्शनकारियों ने किया खून पीने का आग्रह, पुलिस ने की समझाइश:
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब इन दुकानदार और आमजन का खून ही चूसना है तो फिर अप्रत्‍यक्ष क्‍यों? हम प्रत्‍यक्ष में खुन ले आये। हालांकि सिटी कोतवाली और प्रतापनगर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से समझाइश करके मामले को शांत करवाया।

दस-दस हजार रुपए के बिल आए:
दरअसल, हुआ यूं कि भीलवाड़ा में बिजली बिलों का काम निजी कम्पनी सिक्‍योर मीटर्स को दिया हुआ है। लॉकडाउन के बाद अब बिजली के बिल जारी हुए तो लोग राशि देखकर भड़क गए। उनका कहना है कि लॉकडाउन में दो माह तक बिजली का इस्तेमाल ही नहीं किया गया। फिर भी बिजली के बिल दस हजार रुपए तक आए हैं। इस मुद्दे को भीलवाड़ा विद्यार्थी परिषद् के छात्र-छात्राओं ने सिक्‍योर मीटर्स कम्पनी के कार्यालय पर अनूठा प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अपना-अपना खून निकाल एक थाली में भरकर सिक्‍योर मीटर्स कम्‍पनी के अधिकारियों से उसे पीने का आग्रह किया।

पुराने बिलों के हिसाब से भेजा नया बिल:
अखिल भारती विद्यार्थी परिषद के विभाग सह संयोजक शंकर गुर्जर ने बताया कि कोरोना कर्फ्यू के दौरान बन्‍द दुकानों के भी सिक्‍योर मीटर्स कम्‍पनी ने बिजली के बिल पुराने बिलों के हिसाब से निकालकर भेज दिए। जब व्‍यापारी अपना व्‍यापार बन्‍द रखे हुए हैं तो ऐसे में वह दस-दस हजार रुपए के बिजली का बिल भर पाएगा।

बिल माफ नहीं हुए तो उग्र आंदोलन करेंगे:
कम्पनी एक तरह से लोगों का खून चूस रही है। कम्पनी के अधिकारी किसी नर पिशाच से कम नहीं। ऐसे में परिषद के कार्यकर्ताओं ने अपना-अपना खून निकालकर थाली में भरकर इनको पीने के लिए दिया है। अब भी सिक्‍योर कम्‍पनी बिलों में छूट नहीं देती है तो उग्र आन्‍दोलन किया जाएगा।

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