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जर्जर पुलों की रिपेयर हेतु एसीएस, इंजीनियर इन चीफ के बाद विधायक पहुंचे राजस्थान सरकार के द्वार

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जर्जर पुलों की रिपेयर हेतु एसीएस, इंजीनियर इन चीफ के बाद विधायक पहुंचे राजस्थान सरकार के द्वार
चीफ इंजीनियर ने इसी माह प्रोपोजल अप्रूव करवा, टेंडर प्रक्रिया शुरू करवाने का दिया आश्वासन
हल्का डबवाली के विधायक अमित सिहाग ने राजस्थान जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर से मुलाकात कर ज्ञापन देते हुए, पंजाब से राजस्थान को हल्का डबवाली से होकर जाने वाली  राज कैनाल ,सरहिंद लिंक चैनल तथा सरहिंद फीडर नहर पर बने पुलों की जर्जर हालत की तरफ ध्यान दिलवाते हुए उनके पुनः निर्माण अथवा रिपेयर करवाने की मांग की।           
                   विधायक ने कहा कि उपरोक्त नहरों पर डबवाली से संगरिया, गंगा से अबूबशहर, सुकेराखेड़ा से डबवाली, गंगा से गांव चौटाला, कालूआना से जंडवाला बिश्नोईयों, सकताखेड़ा से लोहगढ़ तक जाने वाले रास्तों पर जो पुल बने हैं वो अत्यंत जर्जर हालत में हैं और इनमें से दो पुल तो ऐसे हैं जिन्हें विभाग ने खुद कंडम घोषित कर बाकायदा बोर्ड लगाया हुआ है कि इस पुल का प्रयोग न किया जाए, अगर जल्द इनका निर्माण न किया गया तो कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है। विधायक ने उन्हें बताया कि उन्होंने जानकारी ली है कि उपरोक्त पुलों के रखरखाव का जिम्मा राजस्थान सरकार का है और वर्तमान में नहरों की लाइनिंग का काम चल रहा है जिसके साथ ही इन पुलों का पुन: निर्माण अथवा रिपेयर का काम किया जा सकता है। 
                  सिहाग ने उन्हें बताया कि पिछले माह उन्होंने हरियाणा में उपरोक्त विषय हेतु सम्बन्धित विभाग के इंजीनियर इन चीफ से भी मुलाकात की थी तब उनकी मांग का संज्ञान लेते हुए, मौके पर मौजूद भाखड़ा नहर के चीफ इंजीनियर ने राज कैनाल से सम्बन्धित राजस्थान के अधिकारी से संपर्क कर पुलों के हालातों से अवगत करवाते हुए जल्द इनके पुन:निर्माण अथवा रिपेयर करवाने को कहा था। जिस पर राज कैनाल से सम्बन्धित राजस्थान के अधिकारी ने कहा था कि वो इन जर्जर पुलों का निरीक्षण करवा इन पुलों में से जो पुल सबसे ज्यादा खस्ता हाल में हैं, उनका निर्माण अथवा रिपेयर करवा दी जाएगा। लेकिन अभी तक इस पर कोई काम शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने उपरोक्त पुलों की बिना देरी पुनः निर्माण अथवा रिपेयर की मांग की। 
        विधायक की मांग पर चीफ इंजीनियर ने उन्हें बताया कि उनके द्वारा विधानसभा में इस संदर्भ में आवाज उठाने के बाद एवम् हरियाणा में उच्चाधिकारियों से की मुलाकात के चलते राजस्थान में विभाग के पास लिखित में इस संदर्भ में डिमांड आयी है। उन्होंने विद्यायक को अतिरिक्त जानकारी देते हुए बताया कि उपरोक्त नहरों को वाटर वे योजना में शामिल किया गया है जिस कारण इसके पुलों को भविष्य में ऊंचा कर के बनाया जाना है उस में समय लगने के चलते पहले रिपेयर का करवाने की योजना को मंजूरी दिलवाई जाएगी। उन्होंने विधायक को आश्वस्त करते हुए कहा कि, वो इसी माह के अंत तक, पुलों का डिज़ाइन बना विभाग के सेक्रेटरी से मुलाकात कर, इस प्रोपोजल को अप्रूव करवा टेंडर प्रक्रिया शुरू करवाने का प्रयास करेंगे। जिस से जल्द ही उपरोक्त समस्या का समाधान हो जाएगा। उन्होंने विधायक को आश्वस्त करते हुए कहा कि वो आगामी अप्रैल, मई माह में जब नहरबन्दी होगी तब इनके रिपेयर कार्य को पूरा करवाने का काम करेंगे। चीफ इंजीनियर ने पुलों के रिपेयर के समय सहयोग की अपील की जिस पर विधायक ने पूरा सहयोग देने का विश्वास दिलाया।
            ज्ञात रहे कि उपरोक्त मुद्दे को विधायक अमित सिहाग ने प्री बजट सत्र में भी मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाते हुए उठाया था और हरियाणा सरकार को चेताया था कि अगर उपरोक्त पुलों की वजह से कोई हादसा हुआ तो इसकी जिम्मेवार सरकार होगी। इसके बाद विधायक ने विभाग के एसीएस और इंजीनियर इन चीफ से मुलाकात की थी और आज उसी कड़ी में उन्होंने राजस्थान में सम्बन्धित चीफ इंजीनियर से मुलाकात कर उनका ध्यान इस गंभीर मुद्दे की तरफ दिलवाया है जिससे अब उनके प्रयासों को सफलता मिलती दिख रही है।

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