Home मंडी डबवाली डबवाली को ज़िला बनाने की मांग को लेकर विधायक अमित सिहाग ने CM को सौंपा ज्ञापन

डबवाली को ज़िला बनाने की मांग को लेकर विधायक अमित सिहाग ने CM को सौंपा ज्ञापन

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मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे अमित सिहाग, डबवाली को ज़िला बनाने एवम ईडब्लयूएस में आयु सीमा में छूट देने की रखी मांग
 डबवाली में ब्लड बैंक को जल्द शुरू करवाने व बेटी महक की याद में स्कूल का निर्माण करवाने का मुख्यमंत्री ने दिया है आश्वासन- अमित सिहाग
हल्का डबवाली के विधायक अमित सिहाग ने मुख्यमंत्री हरियाणा मनोहर लाल खट्टर से उनके चंडीगढ़ स्थित आवास पर मुलाकात की व अहम मुद्दों पर चर्चा कर ज्ञापन सौंपा।
              विधायक ने मुख्यमंत्री के समक्ष विभिन्न तथ्यों को रखते हुए उपमंडल कालांवाली को साथ मिलाकर  डबवाली को ज़िला बनाने की मांग की। विधायक ने मुख्यमंत्री को बताया कि डबवाली हरियाणा के अंतिम छोर पर बसा हुआ आर्थिक रूप से पिछड़ा क्षेत्र है, जिसके तीन ओर पंजाब एवम् राजस्थान की सीमाएं लगती हैं और ये वर्तमान ज़िला मुख्यालय सिरसा से 60 किलोमीटर दूर है, जो कि पूरे हरियाणा में किसी भी दो जिलों की दूरी से अधिक है। उन्होंने कहा कि राजस्थान से जहां अफीम, पोस्त तो वहीं पंजाब से चिट्टा, हेरोइन और सिंथेटिक ड्रग्स भारी मात्रा में डबवाली और आस पास के क्षेत्र से हरियाणा में पहुंचाया जा रहा है, जिसके कारण ये क्षेत्र नशे का हब बन चुका है। पिछले कुछ वर्षों में हुई ग्रिफतारियां, दर्ज किए गए मामले व बरामद किए गए नशीले पदार्थों के आंकड़े अपने आप में दर्शाते हैं कि आज की तारीख में ये क्षेत्र न केवल हरियाणा में, बल्कि पूरे देश में नशे के कारोबार में कुख्यात है। अमित सिहाग ने कहा कि अगर डबवाली को  ज़िला बनाया जाए तो जहां प्रशाशन और पुलिस स्टाफ की अधिकता बढ़ने से यहां नशे पर अंकुश लगाने में बड़ी मदद मिलेगी, वहीं डबवाली हल्के में अन्य राज्यों से उद्योग लगने की संभावना बढ़ने के मध्यनज़र ये क्षेत्र आर्थिक रूप से भी उन्नति करेगा और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। अत: डबवाली को तुरंत ज़िला बनाने की जरूरत है।
             विधायक ने इस विषय पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री को एक विकल्प भी सुझाया और कहा कि अगर किन्हीं तकनीकी कारणों के चलते सरकार डबवाली को ज़िला बनाने में असमर्थ है, तो इसे हांसी की तर्ज पर तुरंत पुलिस ज़िला बनाया जाए ताकि जिस प्रकार से हांसी को पुलिस ज़िला बनाने के बाद वहां अपराध को कम करने में सफलता हासिल हुई है, वैसे ही डबवाली में भी नशे पर अंकुश लगाया जा सके।
                     विधायक ने सरकारी नौकरियों में एससी/एसटी/ओबीसी श्रेणी की तर्ज पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग(EWS) को आयु सीमा में छूट देने की मांग मुख्यमंत्री से समक्ष उठाई।उन्होंने कहा कि सरकार अगर इस वर्ग को आयु सीमा में छूट नहीं देती तो लाखों युवा इसका लाभ पाने से वंचित रह जाएंगे व जिस उद्देश्य से इसको बनाया गया था वो विफल हो जाएगा। इस मुद्दे की और अधिक पैरवी करते हुए अमित सिहाग ने मुख्यमंत्री के समक्ष गुजरात, महाराष्ट्र व जम्मू कश्मीर की अलग अलग श्रेणियों में सरकारी नौकरियों में आयु सीमा के आंकड़े रखे व पुलिस की भर्ती का उदाहरण देते हुए बताया कि जहां महाराष्ट्र, गुजरात में सामान्य श्रेणी को 28साल व एससी/एसटी/ओबीसी के साथ EWS को भी 5 साल की छूट दे 33 साल की आयु सीमा की कट ऑफ रखी है, वहीं हरियाणा मे जहां सामान्य श्रेणी को 25 साल सीमा रखी गई है और एससी/एसटी/औबीसी को तो आयु सीमा में 5 साल की छूट दी गई है, पर EWS वर्ग को इसमें कोई राहत नहीं दी गई। क्लेरिकल नौकरियों में मुख्यमंत्री की शंका को दूर करते हुए विधायक ने उनके संज्ञान में लाया कि सामान्य वर्ग के लिए 42 साल की आयु सीमा है और इन भरतीयों में एससी/एसटी/ओबीसी की तर्ज पर EWS वर्ग को भी आयु सीमा में 5 साल की छूट दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर जहां लाखों युवाओं को इसका लाभ मिलेगा वहीं किसी अन्य वर्ग को भी कोई नुकसान नहीं होगा।
               मुख्यमंत्री ने विधायक को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे उनकी मांगों और दिए गए सभी आंकड़ों का अध्यन कर जनहित में उचित फैसला लेने का काम करेंगे।
             इसके साथ ही विधायक ने मुख्यमंत्री को डबवाली के कबीर बस्ती में बलात्कार और हत्या पीड़ित छह: साल की बेटी महक की याद में बनाए जाने वाले स्कूल के विषय में बताया कि स्कूल बनाना आपकी घोषणा थी और विधानसभा के बजट सत्र में  इस मुद्दे को उठाने के दौरान मुझे जो जानकारी दी गई थी उसके तहत इसका निर्माण पिछली 24 अप्रैल से 90 लाख रुपए की लागत से होना था। अमित सिहाग ने आह्वान करते हुए कहा कि हो सकता है कि करोना महामारी के चलते इसका निर्माण करने में देर हो गई हो किन्तु अब इसके निर्माण कार्य को जल्द शुरू करवाया जाए।
              सिहाग ने हल्का डबवाली के निवासियों की 30 साल पुरानी ब्लड बैंक की मांग को भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा और उन्हें अवगत कराया कि इसे शुरू करने की आधिकारिक तौर पर मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन जरूरी उपकरण उपलब्ध न होने के कारण लाइसेंस के आवेदन में देरी हो रही है। विधायक ने मुख्यमंत्री से इस कार्य को गति देने का अनुरोध किया। जिस पर मुख्यमंत्री ने उपरोक्त दोनों कार्यों को अपने सहायक को नोट करवा  जल्द पूरा करवाने के लिए निर्देश दिए

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