Home मंडी डबवाली मेरी फसल-मेरा ब्यौरा योजना की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 10 अगस्त 2019 हुई

मेरी फसल-मेरा ब्यौरा योजना की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 10 अगस्त 2019 हुई

13 second read
0
0
1,263

डबवाली
मुख्यमंत्री, हरियाणा द्वारा 5 जुलाई से प्रारंभ की गई मेरी फसल-मेरा ब्यौरा योजना की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 10 अगस्त 2019 तक कर दी गई है ताकि कोई भी किसान इस योजना में अपनी फसल का पंजीकरण करवाने से वंचित न रहे। मार्केट कमेटी के कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव दिलावर सिंह बेनीवाल ने बताया कि कार्यालय के मंडी सुपरवाइजर महावीर सिंह, रमन कुमार, सुरेंद्र सिंगला, बीर सिंह के अंतिरिक्त प्रेम कुमार, साकिब जग्गा, पुष्पेंद्र कुमार, गौरव कुमार, बब्बल कुमार, सुशील कुमार को अलग-अलग टीमों में शामिल कर उपमंडल के गांव-गांव में मेरी फसल-मेरा बयौरा के अंतर्गत पंजीकरण करने के लिए प्रतिदिन भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि योजना की विस्तृत जानकारी के लिए गांव-गांव में एनाऊंसमेंट के माध्यम से किसानों को अपनी फसल पंजीकरण करवाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

 

उन्होंने बताया कि हिसार से क्षेत्रीय विपणन प्रवर्तन अधिकारी निहाल सिंह गोदारा, सिरसा से जिला विपणन प्रवर्तन अधिकारी सतपाल संधु ने उपमंडल के विभिन गांवों में पहुंचकर पंजीकरण कार्य का निरीक्षण कर किसानों से अपनी फसल का पंजीकरण करवाने के लिए आग्रह किया। हल्का डबवाली से पूर्व विधायक डा. सीता राम, संदीप चौधरी, अभिमन्यु चौधरी, सुखदेव सिंह नंबरदार ने भी अपनी फसलों का पंजीकरण करवाते हुए किसानों से भी अपनी फसल का पंजीकरण करवाने का अनुरोध किया है।

 

इस योजना को सफल बनाने में गांव के सरपंच, नंबरदार, पटवारी, पंचायत सचिव अहम भूमिका अदा कर रहे है। यह पंजीकरण गांव में स्थापित अटल सेवा केंद्र में भी करवाया जा सकता है।
मार्केट कमेटी अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा गांव शेरगढ़, पन्नीवाला रुलदु, अलीकां, झुट्टीखेड़ा, रिसालियाखेड़ा, चौटाला, लोहगढ़, सावंतखेड़ा, सक्ताखेड़ा, मांगेआना, खुइयांमलकाना, मटदादू, मौजगढ़, रत्ताखेड़ा, कालूआना, दीवानखेड़ा, रामपुरा बिश्रोइया, राजपुरा, हैबुआना, चक फरीदपुर, दारेवाला, डबवाली, मुन्नावाली, मोडी, गोरीवाला में जाकर वहां के किसानों की फसलों का पंजीकरण किया गया है।

उन्होंने बताया कि किसान किसी भी कार्य दिवस के समय पर मार्केट कमेटी में पहुंचकर अपनी फसल का पंजीकरण करवा सकते हैं। फसल का पंजीकरण करवाने के लिए किसान के पास जमीन की जमाबंदी, आधार कार्ड, बैंक खाता नंबर एवं अपना मोबाइल साथ में होना चाहिए। इस योजना में पंजीकरण करवाने के समय किसान द्वारा स्वयं जानकारी दी जाएगी कि मेरी जमीन में मैने कौन-कौन सी फसल की उपज की है। किसान को अपनी फसल का पंजीकरण करवाने के पश्चात बीज, खाद एवं प्राकृतिक आपदा से खराब होने वाली फसल का मुआवजा, किसान ऋण के अतिरिक्त सरकार द्वारा निधार्रित मूल्य पर मंडी में फसल बेचने का अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि किसान नरमा, कपास, धान एवं ग्वार सहित सभी फसलों का पंजीकरण करवा सकते हैं।

Leave a Reply

Check Also

मिलेनियम स्कूल में धूमधाम से मनाई गई श्री गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती

डबवाली के मलोट …