Home राज्य हरयाणा हरियाणा रोडवेज ड्राइवर सरप्लस.. दूसरे विभागों में संभालेंगे स्टीयरिंग, 1000 के करीब चालकों की लिस्ट तैयार

हरियाणा रोडवेज ड्राइवर सरप्लस.. दूसरे विभागों में संभालेंगे स्टीयरिंग, 1000 के करीब चालकों की लिस्ट तैयार

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हेमराज बिरट, तेज़ हरियाणा नेटवर्क:

हरियाणा रोडवेज के ड्राइवर अब दूसरे विभागों में स्टेयरिंग संभालते नज़र आएंगे। विभाग में 1000 के करीब ऐसे ड्राइवर हैं, जो सरप्लस लिस्ट में शामिल हो गए हैं। इन सभी ड्राइवरों को दूसरे विभागों, बोर्ड-निगमों व सरकारी उपक्रमों में शिफ्ट किया जाएगा। सरकार के इस फैसले का रोडवेज यूनियन ने विरोध भी शुरू कर दिया है।
यूनियन का कहना है कि सरकार ड्राइवरों को हटाने या दूसरी जगह भेजने की बजाय बसों की संख्या बढ़ाए।

रोडवेज कर्मचारियों के विरोध का आभास सरकार को पहले से ही था, इसलिए इस फैसले को लागू करने के लिए कड़े कदम उठाने की तैयारी है। विभाग ने तय किया है कि जो ड्राइवर दूसरे विभाग या बोर्ड-निगम में जाने में आना-कानी करेंगे उन्हें नोटिस जारी होंगे। एक महीने के नोटिस पीरियड के बाद भी ज्वाइन नहीं करने वालों को नौकरी से हटाया भी जा सकता है। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर एक बार फिर विभाग और रोडवेज कर्मचारी आमने-सामने हो सकते हैं।

ये सभी ड्राइवर नियमित हैं। पहले जूनियर ड्राइवरों को दूसरे विभागों में शिफ्ट किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्ष, मंडलायुक्त, बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशक, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार तथा सभी उपायुक्तों से विभिन्न सरकारी प्रतिष्ठानों में भारी वाहन चालकों और हलके वाहन चालकों के रिक्त पदों की जानकारी मांगी है।

इन सभी जगहों से डिमांड आने के बाद सरप्लस स्टाफ को वहां समायोजित किया जाएगा। सभी को तुरंत प्रभाव से रिक्त पदों की जानकारी परिवहन निदेशक को भेजने को कहा गया है। इतनी बड़ी संख्या में चालकों के सरप्लस होने का प्रमुख कारण पिछले साल किमी योजना के के तहत परिवहन बेड़े में शामिल की गई निजी ट्रांसपोर्टरों की 508 बसें हैं। इन बसों में सभी चालक निजी ट्रांसपोर्टर्स के हैं, जबकि परिचालक रोडवेज के हैं।

इसके अलावा रोडवेज के बेड़े में सामान्य बसों की संख्या 4200 से घटकर 3329 बसों पर आ गई है। इनमें भी वर्तमान में 2323 बसें ही सड़कों पर दौड़ रही हैं। इससे चालक-परिचालकों का अनुपात गड़बड़ाया है। सालाना 600 करोड़ रुपये से अधिक के घाटे से जूझ रहे परिवहन महकमे पर बोझ कम करने के लिए प्रदेश सरकार ने एक हजार नियमित चालकों को दूसरे विभागों में समायोजित करने को हरी झंडी दिखा दी है।

वहीं, रोडवेज के बेड़े में 1300 नई बसें शामिल करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। इनमें 800 बसें इसी साल परिवहन बेड़े में शामिल होंगी। इन बसों की खरीद के बाद 500 और बसों का आर्डर दिया जाएगा। इस साल जो 800 बसें खरीदी जानी हैं, उनमें से 400 बसों को इसी महीने रोडवेज के बेड़े में शामिल कराने का लक्ष्य है।

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